Топ-100
  • सामाजिक संरचना सामाजिक संरचना

    हर्बट स्पेंसर जैवीकीय अनुरूपता biological analogy से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने सामाजिक संरंचना की तुलना मानव शरीर से की। उनका कहना था कि जिस प्रकार शरीर क...

  • सामाजिक पूँजी सामाजिक पूँजी

    सामाजिक पूँजी के विचार को नये सिरे से प्रासंगिक बनाने का श्रेय अमेरिकी समाज-विज्ञान को जाता है। फ़्रांसीसी समाजशास्त्री एमील दुर्ख़ाइम के समय से ही इससे मिलत...

  • सामाजिक परिवर्तन सामाजिक परिवर्तन

    सामाजिक परिवर्तन, समाज के आधारभूत परिवर्तनों पर प्रकाश डालने वाला एक विस्तृत एवं कठिन विषय है। इस प्रक्रिया में समाज की संरचना एवं कार्यप्रणाली का एक नया जन्...

  • सामाजिक न्याय सामाजिक न्याय

    एक विचार के रूप में सामाजिक न्याय की बुनियाद सभी मनुष्यों को समान मानने के आग्रह पर आधारित है। इसके मुताबिक किसी के साथ सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पूर्वर...

  • सामाजिक तथ्य सामाजिक तथ्य

    समाजशास्त्र में, सामाजिक तथ्य उन मूल्यों, सांस्कृतिक मानकों, तथा सामाजिक संरचनाओं को कहते हैं जो व्यक्ति को परिवर्तित करते हैं और उसके ऊपर सामाजिक बन्धन अध्य...

  • सामाजिक डार्विनवाद सामाजिक डार्विनवाद

    सामाजिक डार्विनवाद सन् १८७० के बाद इंग्लैण्ड और संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे अनेकों सामाजिक सिद्धान्तों का आधुनिक नाम है जिनके अनुसार किसी सामाज में शक्ति...

  • सामाजिक क्रियाकलाप सामाजिक क्रियाकलाप

    सामाजिक विज्ञान तथा दर्शनशास्त्र में समाजिक क्रियाकलाप या सामाजिक सक्रियता का सम्बन्ध कई संकल्पनाओं से है, जैसे अन्तरवैयक्तिक सम्बन्ध Interpersonal relations...

  • सामाजिक आयुर्विज्ञान सामाजिक आयुर्विज्ञान

    सामाजिक आयुर्विज्ञान या सामाजिक चिकित्साशास्त्र निम्नलिखित से सम्बन्धित है- उस प्रकार की स्थिति पैदा करना जिससे अधिक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके। इस ब...

  • सामाजिक आन्दोलन सामाजिक आन्दोलन

    सामाजिक आन्दोलन एक प्रकार का सामूहिक क्रिया है। सामाजिक आन्दोलन व्यक्तियों और/या संगठनों के विशाल अनौपचारिक समूह होते हैं जिनका ध्येय किसी विशिष्ट सामाजिक मु...

  • सामाजिक सामाजिक

    सामाजिक शब्द का शाब्दिक अर्थ सजीव से यह शब्द समाज+ईक पत्यय से बना हैचाहे वो मानव जनसंख्या हों अथवा पशु। यह एक सजीव का अन्य सजीवों के साथ सह-अस्तित्व तथा निरप...

  • सरकार सरकार

    सरकार कुछ निश्चित व्यक्तियों का समूह होती है जो राष्ट्र तथा राज्यों में निश्चित काल के लिए तथा निश्चित पद्धति द्वारा शासन करता है। प्रायः इसके तीन अंग होते ह...

  • समाजशास्त्र का इतिहास समाजशास्त्र का इतिहास

    शिकारी समाज Hunting & Gathering Societies जानवरों को पालतू बनाने का युग The Domestication Revolution Pastoral Societies औद्यानिक समाज Horticultural S ocietie...

  • समाजशास्त्र समाजशास्त्र

    समाजशास्त्र मानव समाज का अध्ययन है। यह सामाजिक विज्ञान की एक शाखा है, जो मानवीय सामाजिक संरचना और गतिविधियों से संबंधित जानकारी को परिष्कृत करने और उनका विका...

  • समाज कार्य समाज कार्य

    समाज-कार्य या समाजसेवा एक शैक्षिक एवं व्यावसायिक विधा है जो सामुदायिक सगठन एवं अन्य विधियों द्वारा लोगों एवं समूहों के जीवन-स्तर को उन्नत बनाने का प्रयत्न कर...

  • समतावाद समतावाद

    सामाजिक और राजनीतिक चिंतन में समतावाद एक स्थापित लेकिन विवादित अवधारणा है। समतावाद का सिद्धांत सभी मनुष्यों के समान मूल्य और नैतिक स्थिति की संकल्पना पर बल द...

  • संभ्रांत वर्ग संभ्रांत वर्ग

    संभ्रांत वर्ग या ऍलीट समाजशास्त्और राजनीति में किसी समाज या समुदाय में उस छोटे से गुट को कहते हैं जो अपनी संख्या से कहीं ज़्यादा धन, राजनैतिक शक्ति या सामाजि...

  • शैक्षिक समाजशास्त्र शैक्षिक समाजशास्त्र

    शैक्षिक समाजशास्त्र, समाजशास्त्र की वह शाखा है जो शिक्षा तथा समाजशास्त्र का समन्वित रूप है। शैक्षिक समाजशास्त्र इस बात पर बल देता है कि समाजशास्त्र के उद्देश...

  • वैश्विक शासन सूचक वैश्विक शासन सूचक

    विश्व बैंक के अनुसंधान के अनुसार शासन के छः सूचक हैं- नियंत्रण की गुणवत्ता भ्रष्टाचापर नियंत्रण राजनैतिक स्थायित्व एवं हिंसा का अभाव आवाज एवं उत्तरदायित्व वि...

  • विधिक समाजशास्त्र विधिक समाजशास्त्र

    विधिक समाजशास्त्र) का अध्ययन समाजशास्त्र के उपक्षेत्र के रूप में या विधि के अध्ययन के अन्तर्गत ही एक अन्तरविषयी क्षेत्र के रूप में किया जाता है। समाजशास्त्री...

  • विचारधारा विचारधारा

    विचारधारा, सामाजिक राजनीतिक दर्शन में राजनीतिक, कानूनी, नैतिक, सौंदर्यात्मक, धार्मिक तथा दार्शनिक विचार चिंतन और सिद्धांत प्रतिपादन की व्यवस्थित प्राविधिक प्...

  • राजभाषा राजभाषा

    राजभाषा, किसी राज्य या देश की घोषित भाषा होती है जो कि सभी राजकीय प्रयोजनों में प्रयोग होती है। उदाहरणतः भारत की राजभाषा हिन्दी है। केंद्रीय स्तर पर दूसरी आध...

  • राजनीतिक समाजशास्त्र राजनीतिक समाजशास्त्र

    19वीं शताब्दी में राज्य और समाज के आपसी सम्बन्ध पर वाद-विवाद शुरू हुआ तथा 20वीं शताब्दी में, द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सामाजिक विज्ञानों में विभिन्नीकरण और व...

  • यूरोकेन्द्रीयता यूरोकेन्द्रीयता

    यूरोकेन्द्रीयता वह पक्षपातपूर्ण विचारधारा है जिसमे यूरोप को सारी अच्छी चीजों की जन्मस्थली माना जाता है तथा हर चीज को यूरोप के नजरिये से देखने की कोशिश की जात...

  • मुख्यधारा मुख्यधारा

    मुख्यधारा किसी समाज, देश या अन्य संगठन के उस बहुसंख्यक समूह को कहते हैं जिनके विचार, धारणाएँ, व्यवहार व आदतें उस वातावरण के लिए सामान्य व मानक समझी जाएँ। जब ...

  • मानवशास्त्र मानवशास्त्र

    मानवशास्त्र या नृविज्ञान मानव, उसके जेनेटिक्स, संस्कृति और समाज की वैज्ञानिक और समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से अध्ययन है। इसके अंतर्गत मनुष्य के समाज के अतीत और ...

  • माध्यस्थम् माध्यस्थम्

    माध्‍यस्‍थम एक वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रम है जिसमें पक्षकर किसी तीसरे व्‍यक्ति के हस्‍तक्षेप के माध्‍यम से तथा न्‍यायालय का सहारा लिए बिना अपने विवादों का...

  • महापौर महापौर

    महापौर किसी नगर के प्रशासक को कहते हैं। कई बार महापौर gujjarका चुनाव उस नगर में रहने वाले लोगों द्वारा किया जाता है और अन्य कई बार, एक केंद्रीय सरकारी समिति ...

  • भूख हड़ताल भूख हड़ताल

    भूख हड़ताल एक अहिंसक प्रतिरोध या दबाव की एक विधि है जिसमें प्रतिभागियों उपवास कर विरोध करते हैं। मूलतः यह विरोध राजनीतिक होते हैं या दूसरों में अपराध की भावन...

  • भारतीय विधि भारतीय विधि

    भारतीय कानून, ब्रितानी कानून पर आधारित है। अंग्रेज़ो ने इसे पहली बार अपने शासनकाल के दौरान लागू किया। अंग्रेज़ो द्वारा लागू किये कई अधिनियम और अध्यादेश आज भी...

  • भारत सरकार भारत सरकार

    भारत सरकार, जो आधिकारिक तौर से संघीय सरकार व आमतौर से केन्द्रीय सरकार के नाम से जाना जाता है, 28 राज्यों तथा 8 केन्द्र शासित प्रदेशों के संघीय इकाई जो संयुक्...

  • भारत के उच्च न्यायालयों की सूची भारत के उच्च न्यायालयों की सूची

    भारतीय संविधान के अनुच्छेद-214 में कहा गया है कि प्रत्येक राज्य का एक उच्च न्यायालय होगा, दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक ही न्यायालय हो सकता है । वर्तमान...

  • प्राकृतिक न्याय प्राकृतिक न्याय

    प्राकृतिक न्याय न्याय सम्बन्धी एक दर्शन है जो कुछ विधिक मामलों में न्यायपूर्ण या दोषरहित प्रक्रियाएं निर्धारित करने एवं उन्हे अपनाने के लिये उपयोग की जाती है...

  • प्रधानमन्त्री प्रधानमन्त्री

    प्रधानमंत्री एक राजनैतिक पद होता है, जिसके पदाधिकारी पर सरकार की कार्यकारिणी का संचालन करने का भार होता है। सामान्यतः, प्रधानमंत्री अपने देश की संसद का सदस्य...

  • प्रतिष्ठा प्रतिष्ठा

    प्रतिष्ठा सामाजिक स्तरीकरण का उपकरण है जो सामाजिक समूह में किसी इकाई को खास स्थान और महत्व प्रदान किए जाने की स्थिति व्यक्त करता है। इसके दो मूल आधार माने गए...

  • पितृसत्ता पितृसत्ता

    पितृसत्ता एक सामाजिक व्यवस्था है जिसमे पुरुषों की प्राथमिक सत्ता होती हैं यानी उन्हें समाज में उच्च माना जाता हैं। राजनैतिक नेतृत्व, नैतिक अधिकार, सामाजिक सम...

  • समय की पाबंदी (समयनिष्ठा) समय की पाबंदी (समयनिष्ठा)

    समय की पाबंदी, पूर्व-निर्धारित समय पर या समय से पहले किसी आवश्यक कार्य को पूरा करने या किसी दायित्व को निभाने में सक्षम होने को कहते हैं। "समयनिष्ठ" का प्रयो...

  • न्यायपालिका न्यायपालिका

    न्यायपालिका किसी भी जनतंत्र के तीन प्रमुख अंगों में से एक है। अन्य दो अंग हैं - कार्यपालिका और व्यवस्थापिका। न्यायपालिका, संप्रभुतासम्पन्न राज्य की तरफ से का...

  • नेतृत्व नेतृत्व

    नेतृत्व की व्याख्या इस प्रकार दी गयी है "नेतृत्व एक प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति सामाजिक प्रभाव के द्वारा अन्य लोगों की सहायता लेते हुए एक सर्वनिष्ट कार्य...

  • जराविद्या जराविद्या

    जराविद्या और जरारोगविद्या का संबंध प्राणिमात्र के, विशेषकर मनुष्य के वृद्ध होने तथा वृद्धावस्था की समस्याओं के अध्ययन से है। संसार का प्रत्येक पदार्थ, निर्जी...

  • कुलीनवर्ग कुलीनवर्ग

    कुलीनवर्ग उस सामाजिक वर्ग को कहा जाता है जिसके सदस्यों को समाज के अन्य वर्गों की तुलना में अधिक प्रतिष्ठा, मान्यता और अधिकार दिए जाएँ। आम तौपर इस वर्ग में सद...

  • औद्योगिक समाज औद्योगिक समाज

    औद्योगिक समाज में उत्पादन कृषि के अलावा उद्योगों पर केन्द्रित होता है। यान्त्रिक शक्ति महत्वपूर्ण हो जाती है। यह पशु व श्रमशक्ति का स्थान ले लेती है। औद्योगि...

  • उत्सव उत्सव

    उत्सव का अर्थ होता है पर्व या त्यौहार. भारतीय संस्कृति में पर्वों का विशेष स्थान है। यहाँ तक कि इसे त्यौहारों की संस्कृति कहना गलत नहीं होगा। साल भर कोई न को...

  • आर्थिक विकास आर्थिक विकास

    नव औद्योगिक देश|नए औद्योगिक देश"। इनमें से कई 1997 के एशियाई आर्थिक संकट की चपेट में आ गए थे।" देशों, क्षेत्रों या व्यक्तिओं की आर्थिक समृद्धि के वृद्धि को आ...

  • आधुनिकता आधुनिकता

    आधुनिकता शब्द आमतौपर उत्तर-पारंपरिक, उत्तर-मध्ययुगीन ऐतिहासिक अवधि को संदर्भित करता है, जो सामंतवाद से पूंजीवाद, औद्योगीकरण धर्मनिरपेक्षवाद, युक्तिकरण, राष्ट...

  • आंदोलन आंदोलन

    आंदोलन संगठित सत्ता तंत्र या व्यवस्था द्वारा शोषण और अन्याय किए जाने के बोध से उसके खिलाफ पैदा हुआ संगठित और सुनियोजित अथवा स्वतःस्फूर्त सामूहिक संघर्ष है। इ...

  • अस्पृश्यता अस्पृश्यता

    अस्पृश्यता का शाब्दिक अर्थ है - न छूना । इसे सामान्य भाषा में छूआ-छूत की समस्या भी कहते हैं। अस्पृश्यता का अर्थ है किसी वय्क्ति या समूह के सभी लोगों के शरीर ...

  • अल्पसंख्यक अल्पसंख्यक

    अल्पसंख्यक संस्कृत के दो शब्दों अल्प यानि थोडा एवं संख्या इस सामासिक शब्द का अर्थ होता है दूसरे समूहो की तुलना में कम संख्या में होना। भाषाई अल्पसंख्यक धार्म...

  • अभिजात सिद्धान्त अभिजात सिद्धान्त

    ‘शक्ति’ एवं ‘सत्ता’ की अवधारणा समाजशास्त्र, राजनीतिक समाजशास्त्और राजनीति शास्त्र की मूल अवधारणा है। मानव के सार्वजनिक और राजनीतिक व्यवहार को समझने में इस अव...

  • पश्चिमी संस्कृति पश्चिमी संस्कृति

    पश्चिमी संस्कृति, यूरोपीय मूल की संस्कृतियों को सन्दर्भित करती है। यूनानियों के साथ शुरू होने वाली पश्चिमी संस्कृति का विस्ताऔर सुदृढ़ीकरण रोमनों द्वारा हुआ,...

  • वेशभूषा संहिता वेशभूषा संहिता

    मनुष्य की भौतिक उपस्थिति के पहलू के रूप में वेशभूषा संहिता वस्त्र धारण करने का लिखित नियम है. मानव की भौतिक उपस्थिति के अन्य पहलुओं की तरह वस्त्रों का सामाजि...

वेशभूषा संहिता

मनुष्य की भौतिक उपस्थिति के पहलू के रूप में वेशभूषा संहिता वस्त्र धारण करने का लिखित नियम है. मानव की भौतिक उपस्थिति के अन्य पहलुओं की तरह वस्त्रों का सामाजि...

पश्चिमी संस्कृति

पश्चिमी संस्कृति, यूरोपीय मूल की संस्कृतियों को सन्दर्भित करती है। यूनानियों के साथ शुरू होने वाली पश्चिमी संस्कृति का विस्ताऔर सुदृढ़ीकरण रोमनों द्वारा हुआ,...

अनपढ़

अधिक विकल्पों के लिए यहां जांय - अनपढ़ पढ़ने में अक्षम व्यक्तियों को अनपढ़ कहा जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ निरक्षर से भिन्न होता है हंलांकि व्यावहारिक तौपर वे...

अभिजात सिद्धान्त

‘शक्ति’ एवं ‘सत्ता’ की अवधारणा समाजशास्त्र, राजनीतिक समाजशास्त्और राजनीति शास्त्र की मूल अवधारणा है। मानव के सार्वजनिक और राजनीतिक व्यवहार को समझने में इस अव...

अल्पसंख्यक

अल्पसंख्यक संस्कृत के दो शब्दों अल्प यानि थोडा एवं संख्या इस सामासिक शब्द का अर्थ होता है दूसरे समूहो की तुलना में कम संख्या में होना। भाषाई अल्पसंख्यक धार्म...

अस्पृश्यता

अस्पृश्यता का शाब्दिक अर्थ है - न छूना । इसे सामान्य भाषा में छूआ-छूत की समस्या भी कहते हैं। अस्पृश्यता का अर्थ है किसी वय्क्ति या समूह के सभी लोगों के शरीर ...

आंदोलन

आंदोलन संगठित सत्ता तंत्र या व्यवस्था द्वारा शोषण और अन्याय किए जाने के बोध से उसके खिलाफ पैदा हुआ संगठित और सुनियोजित अथवा स्वतःस्फूर्त सामूहिक संघर्ष है। इ...

आधुनिकता

आधुनिकता शब्द आमतौपर उत्तर-पारंपरिक, उत्तर-मध्ययुगीन ऐतिहासिक अवधि को संदर्भित करता है, जो सामंतवाद से पूंजीवाद, औद्योगीकरण धर्मनिरपेक्षवाद, युक्तिकरण, राष्ट...

आर्थिक विकास

नव औद्योगिक देश|नए औद्योगिक देश"। इनमें से कई 1997 के एशियाई आर्थिक संकट की चपेट में आ गए थे।" देशों, क्षेत्रों या व्यक्तिओं की आर्थिक समृद्धि के वृद्धि को आ...

उत्सव

उत्सव का अर्थ होता है पर्व या त्यौहार. भारतीय संस्कृति में पर्वों का विशेष स्थान है। यहाँ तक कि इसे त्यौहारों की संस्कृति कहना गलत नहीं होगा। साल भर कोई न को...

औद्योगिक समाज

औद्योगिक समाज में उत्पादन कृषि के अलावा उद्योगों पर केन्द्रित होता है। यान्त्रिक शक्ति महत्वपूर्ण हो जाती है। यह पशु व श्रमशक्ति का स्थान ले लेती है। औद्योगि...

कुलीनवर्ग

कुलीनवर्ग उस सामाजिक वर्ग को कहा जाता है जिसके सदस्यों को समाज के अन्य वर्गों की तुलना में अधिक प्रतिष्ठा, मान्यता और अधिकार दिए जाएँ। आम तौपर इस वर्ग में सद...

जराविद्या

जराविद्या और जरारोगविद्या का संबंध प्राणिमात्र के, विशेषकर मनुष्य के वृद्ध होने तथा वृद्धावस्था की समस्याओं के अध्ययन से है। संसार का प्रत्येक पदार्थ, निर्जी...

नेतृत्व

नेतृत्व की व्याख्या इस प्रकार दी गयी है "नेतृत्व एक प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति सामाजिक प्रभाव के द्वारा अन्य लोगों की सहायता लेते हुए एक सर्वनिष्ट कार्य...

न्यायपालिका

न्यायपालिका किसी भी जनतंत्र के तीन प्रमुख अंगों में से एक है। अन्य दो अंग हैं - कार्यपालिका और व्यवस्थापिका। न्यायपालिका, संप्रभुतासम्पन्न राज्य की तरफ से का...

समय की पाबंदी (समयनिष्ठा)

समय की पाबंदी, पूर्व-निर्धारित समय पर या समय से पहले किसी आवश्यक कार्य को पूरा करने या किसी दायित्व को निभाने में सक्षम होने को कहते हैं। "समयनिष्ठ" का प्रयो...

पितृसत्ता

पितृसत्ता एक सामाजिक व्यवस्था है जिसमे पुरुषों की प्राथमिक सत्ता होती हैं यानी उन्हें समाज में उच्च माना जाता हैं। राजनैतिक नेतृत्व, नैतिक अधिकार, सामाजिक सम...

प्रतिष्ठा

प्रतिष्ठा सामाजिक स्तरीकरण का उपकरण है जो सामाजिक समूह में किसी इकाई को खास स्थान और महत्व प्रदान किए जाने की स्थिति व्यक्त करता है। इसके दो मूल आधार माने गए...

प्रधानमन्त्री

प्रधानमंत्री एक राजनैतिक पद होता है, जिसके पदाधिकारी पर सरकार की कार्यकारिणी का संचालन करने का भार होता है। सामान्यतः, प्रधानमंत्री अपने देश की संसद का सदस्य...

प्राकृतिक न्याय

प्राकृतिक न्याय न्याय सम्बन्धी एक दर्शन है जो कुछ विधिक मामलों में न्यायपूर्ण या दोषरहित प्रक्रियाएं निर्धारित करने एवं उन्हे अपनाने के लिये उपयोग की जाती है...

भारत के उच्च न्यायालयों की सूची

भारतीय संविधान के अनुच्छेद-214 में कहा गया है कि प्रत्येक राज्य का एक उच्च न्यायालय होगा, दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक ही न्यायालय हो सकता है । वर्तमान...

भारत सरकार

भारत सरकार, जो आधिकारिक तौर से संघीय सरकार व आमतौर से केन्द्रीय सरकार के नाम से जाना जाता है, 28 राज्यों तथा 8 केन्द्र शासित प्रदेशों के संघीय इकाई जो संयुक्...

भारतीय विधि

भारतीय कानून, ब्रितानी कानून पर आधारित है। अंग्रेज़ो ने इसे पहली बार अपने शासनकाल के दौरान लागू किया। अंग्रेज़ो द्वारा लागू किये कई अधिनियम और अध्यादेश आज भी...

भूख हड़ताल

भूख हड़ताल एक अहिंसक प्रतिरोध या दबाव की एक विधि है जिसमें प्रतिभागियों उपवास कर विरोध करते हैं। मूलतः यह विरोध राजनीतिक होते हैं या दूसरों में अपराध की भावन...

महापौर

महापौर किसी नगर के प्रशासक को कहते हैं। कई बार महापौर gujjarका चुनाव उस नगर में रहने वाले लोगों द्वारा किया जाता है और अन्य कई बार, एक केंद्रीय सरकारी समिति ...

माध्यस्थम्

माध्‍यस्‍थम एक वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रम है जिसमें पक्षकर किसी तीसरे व्‍यक्ति के हस्‍तक्षेप के माध्‍यम से तथा न्‍यायालय का सहारा लिए बिना अपने विवादों का...

मानवशास्त्र

मानवशास्त्र या नृविज्ञान मानव, उसके जेनेटिक्स, संस्कृति और समाज की वैज्ञानिक और समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से अध्ययन है। इसके अंतर्गत मनुष्य के समाज के अतीत और ...

मुख्यधारा

मुख्यधारा किसी समाज, देश या अन्य संगठन के उस बहुसंख्यक समूह को कहते हैं जिनके विचार, धारणाएँ, व्यवहार व आदतें उस वातावरण के लिए सामान्य व मानक समझी जाएँ। जब ...

यूरोकेन्द्रीयता

यूरोकेन्द्रीयता वह पक्षपातपूर्ण विचारधारा है जिसमे यूरोप को सारी अच्छी चीजों की जन्मस्थली माना जाता है तथा हर चीज को यूरोप के नजरिये से देखने की कोशिश की जात...

राजनीतिक समाजशास्त्र

19वीं शताब्दी में राज्य और समाज के आपसी सम्बन्ध पर वाद-विवाद शुरू हुआ तथा 20वीं शताब्दी में, द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सामाजिक विज्ञानों में विभिन्नीकरण और व...

राजभाषा

राजभाषा, किसी राज्य या देश की घोषित भाषा होती है जो कि सभी राजकीय प्रयोजनों में प्रयोग होती है। उदाहरणतः भारत की राजभाषा हिन्दी है। केंद्रीय स्तर पर दूसरी आध...

राष्ट्रपति

15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ था और अन्तरिम व्यवस्था के तहत देश एक राष्ट्रमंडल अधिराज्य बन गया। इस व्यवस्था के तहत भारत के गवर्नर जनरल को भार...

विचारधारा

विचारधारा, सामाजिक राजनीतिक दर्शन में राजनीतिक, कानूनी, नैतिक, सौंदर्यात्मक, धार्मिक तथा दार्शनिक विचार चिंतन और सिद्धांत प्रतिपादन की व्यवस्थित प्राविधिक प्...

विधिक समाजशास्त्र

विधिक समाजशास्त्र) का अध्ययन समाजशास्त्र के उपक्षेत्र के रूप में या विधि के अध्ययन के अन्तर्गत ही एक अन्तरविषयी क्षेत्र के रूप में किया जाता है। समाजशास्त्री...

वैश्विक शासन सूचक

विश्व बैंक के अनुसंधान के अनुसार शासन के छः सूचक हैं- नियंत्रण की गुणवत्ता भ्रष्टाचापर नियंत्रण राजनैतिक स्थायित्व एवं हिंसा का अभाव आवाज एवं उत्तरदायित्व वि...

व्यवस्थापिका

व्यवस्थापिका भारतीय जनतंत्र के तीन अंगों में से एक है। अन्य दो अंग हैं - कार्यपालिका और न्यायपालिका। भारत की स्वतंत्र न्यायपालिका का शीर्ष सर्वोच्च न्यायालय ...

शैक्षिक समाजशास्त्र

शैक्षिक समाजशास्त्र, समाजशास्त्र की वह शाखा है जो शिक्षा तथा समाजशास्त्र का समन्वित रूप है। शैक्षिक समाजशास्त्र इस बात पर बल देता है कि समाजशास्त्र के उद्देश...

संभ्रांत वर्ग

संभ्रांत वर्ग या ऍलीट समाजशास्त्और राजनीति में किसी समाज या समुदाय में उस छोटे से गुट को कहते हैं जो अपनी संख्या से कहीं ज़्यादा धन, राजनैतिक शक्ति या सामाजि...

संभ्रांतवाद

संभ्रांतवाद यह विश्वास या सोच होती है कि अपनी जाति, शिक्षा, धन-सम्पन्नता, बुद्धि, अनुभव या किसी अन्य गुण के कारण किसी संभ्रांत वर्ग की सदस्यता रखने वाले कुछ ...

संरचनात्मक प्रकार्यवाद

सरचनात्मक प्रकार्यवाद या केवल प्रकार्यवाद समाजशास्त्र की प्रमुख अवधारणा है। प्रकार्यवादी सोच को विकसित करने वाले समाजशास्त्रियों में जिन दो विचारकों को महत्व...

संस्कृतीकरण

संस्कृतीकरण भारत में देखा जाने वाला विशेष तरह का सामाजिक परिवर्तन है। इसका मतलब है वह प्रक्रिया जिसमें जातिव्यवस्था में निचले पायदान पर स्थित जातियाँ ऊँचा उठ...

समतावाद

सामाजिक और राजनीतिक चिंतन में समतावाद एक स्थापित लेकिन विवादित अवधारणा है। समतावाद का सिद्धांत सभी मनुष्यों के समान मूल्य और नैतिक स्थिति की संकल्पना पर बल द...

समाज कार्य

समाज-कार्य या समाजसेवा एक शैक्षिक एवं व्यावसायिक विधा है जो सामुदायिक सगठन एवं अन्य विधियों द्वारा लोगों एवं समूहों के जीवन-स्तर को उन्नत बनाने का प्रयत्न कर...

समाजशास्त्र

समाजशास्त्र मानव समाज का अध्ययन है। यह सामाजिक विज्ञान की एक शाखा है, जो मानवीय सामाजिक संरचना और गतिविधियों से संबंधित जानकारी को परिष्कृत करने और उनका विका...

समाजशास्त्र का इतिहास

शिकारी समाज Hunting & Gathering Societies जानवरों को पालतू बनाने का युग The Domestication Revolution Pastoral Societies औद्यानिक समाज Horticultural S ocietie...

सरकार

सरकार कुछ निश्चित व्यक्तियों का समूह होती है जो राष्ट्र तथा राज्यों में निश्चित काल के लिए तथा निश्चित पद्धति द्वारा शासन करता है। प्रायः इसके तीन अंग होते ह...

सामाजिक

सामाजिक शब्द का शाब्दिक अर्थ सजीव से यह शब्द समाज+ईक पत्यय से बना हैचाहे वो मानव जनसंख्या हों अथवा पशु। यह एक सजीव का अन्य सजीवों के साथ सह-अस्तित्व तथा निरप...

सामाजिक अपवर्जन

सामाजिक अपवर्जन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी समूह को मुख्य धारा से निकालकर सीमान्त पर पहुँचा दिया जाता है। सामाजिक अपवर्जन का यूरोप में खूब प्रयोग किया ...

सामाजिक आन्दोलन

सामाजिक आन्दोलन एक प्रकार का सामूहिक क्रिया है। सामाजिक आन्दोलन व्यक्तियों और/या संगठनों के विशाल अनौपचारिक समूह होते हैं जिनका ध्येय किसी विशिष्ट सामाजिक मु...

सामाजिक आयुर्विज्ञान

सामाजिक आयुर्विज्ञान या सामाजिक चिकित्साशास्त्र निम्नलिखित से सम्बन्धित है- उस प्रकार की स्थिति पैदा करना जिससे अधिक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके। इस ब...

सामाजिक क्रियाकलाप

सामाजिक विज्ञान तथा दर्शनशास्त्र में समाजिक क्रियाकलाप या सामाजिक सक्रियता का सम्बन्ध कई संकल्पनाओं से है, जैसे अन्तरवैयक्तिक सम्बन्ध Interpersonal relations...

सामाजिक डार्विनवाद

सामाजिक डार्विनवाद सन् १८७० के बाद इंग्लैण्ड और संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे अनेकों सामाजिक सिद्धान्तों का आधुनिक नाम है जिनके अनुसार किसी सामाज में शक्ति...

सामाजिक तथ्य

समाजशास्त्र में, सामाजिक तथ्य उन मूल्यों, सांस्कृतिक मानकों, तथा सामाजिक संरचनाओं को कहते हैं जो व्यक्ति को परिवर्तित करते हैं और उसके ऊपर सामाजिक बन्धन अध्य...

सामाजिक नियंत्रण

सामाजिक नियंत्रण से तात्पर्य उन सामाजिक तथा राजनैतिक युक्तियों/प्रक्रियाओं से है किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को राज्य, समाज या सामाजिक समूहों के नियमो...

सामाजिक न्याय

एक विचार के रूप में सामाजिक न्याय की बुनियाद सभी मनुष्यों को समान मानने के आग्रह पर आधारित है। इसके मुताबिक किसी के साथ सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पूर्वर...

सामाजिक परिवर्तन

सामाजिक परिवर्तन, समाज के आधारभूत परिवर्तनों पर प्रकाश डालने वाला एक विस्तृत एवं कठिन विषय है। इस प्रक्रिया में समाज की संरचना एवं कार्यप्रणाली का एक नया जन्...

सामाजिक पूँजी

सामाजिक पूँजी के विचार को नये सिरे से प्रासंगिक बनाने का श्रेय अमेरिकी समाज-विज्ञान को जाता है। फ़्रांसीसी समाजशास्त्री एमील दुर्ख़ाइम के समय से ही इससे मिलत...

सामाजिक विघटन का सिद्धान्त

समाज शास्त्र में सामाजिक विघटन का सिद्धान्त सबसे महत्वपूर्ण सिद्धान्तों में एक है। इसका प्रतिपादन शिकागो स्कूल द्वारा किया गया था। यह सिद्धान्त मानता है कि अ...

सामाजिक संघटन

साँचा:Sociology समाजशास्त्र में, सामाजिक संघटन एक सैद्धांतिक अवधारणा होती है जिसके अंतर्गत एक समाज या सामाजिक संरचना को एक "क्रियाशील संघटन" के रूप में देखते...

सामाजिक संरचना

हर्बट स्पेंसर जैवीकीय अनुरूपता biological analogy से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने सामाजिक संरंचना की तुलना मानव शरीर से की। उनका कहना था कि जिस प्रकार शरीर क...